Transliteration: (Qaala fa innaka minal munzareen)
फ़रमाया, "तो बेशक तू उन में से है जिन्हें मोहलत है [44]।"
इससे मालूम हुआ कि बाज़ औक़ात काफ़िरों की दुआ भी क़ुबूल हो जाती है। दुआ के ज़रिए उम्र में इज़ाफ़ा हो सकता है। जब शैतान की दुआ से उसकी उम्र बढ़ सकती है, तो ज़रा सोचिए कि अम्बिया किराम और अल्लाह के प्यारे बन्दों की दुआ क्या कुछ नहीं कर सकती!
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