कुरान - 15:37 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
قَالَ فَإِنَّكَ مِنَ ٱلۡمُنظَرِينَ

Transliteration: (Qaala fa innaka minal munzareen)

फ़रमाया, "तो बेशक तू उन में से है जिन्हें मोहलत है [44]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 37 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

फ़रमाया, "तो बेशक तू उन में से है जिन्हें मोहलत है [44]।"

[44] दुआ की तासीर और मक़बूलियत

इससे मालूम हुआ कि बाज़ औक़ात काफ़िरों की दुआ भी क़ुबूल हो जाती है। दुआ के ज़रिए उम्र में इज़ाफ़ा हो सकता है। जब शैतान की दुआ से उसकी उम्र बढ़ सकती है, तो ज़रा सोचिए कि अम्बिया किराम और अल्लाह के प्यारे बन्दों की दुआ क्या कुछ नहीं कर सकती!

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