कुरान - 15:39 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
قَالَ رَبِّ بِمَآ أَغۡوَيۡتَنِي لَأُزَيِّنَنَّ لَهُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَأُغۡوِيَنَّهُمۡ أَجۡمَعِينَ

Transliteration: (Qaala Rabbi bimaaa aghwaitanee la uzayyin anna lahum fil ardi wa la ughwiyan nahum ajma'een)

बोला, "ऐ मेरे रब! इस सबब से कि तूने मुझे गुमराह ठहराया, मैं ज़रूर ज़मीन में उनके लिए गुनाहों को सजा दूँगा और उन सब को ज़रूर बहका दूँगा [45]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 39 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

बोला, "ऐ मेरे रब! इस सबब से कि तूने मुझे गुमराह ठहराया, मैं ज़रूर ज़मीन में उनके लिए गुनाहों को सजा दूँगा और उन सब को ज़रूर बहका दूँगा [45]।"

[45] शैतान की इन्सानी औलाद से दुश्मनी

इससे मालूम हुआ कि शैतान इन्सान का खुला दुश्मन है। चूँकि वह हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की वजह से जन्नत से निकाला गया, इसलिए वह उनकी औलाद से बदला लेने की क़सम खाता है। इसके अलावा झूठ बोलना और रियाकारी (दिखावा) करना ऐसे गुनाह हैं जिनका इर्तेकाब इब्लीस ने भी उस वक़्त नहीं किया था; इसलिए झूठा और रियाकार शख़्स शैतान से भी बदतर अमल करता है।

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