कुरान - 15:40 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
إِلَّا عِبَادَكَ مِنۡهُمُ ٱلۡمُخۡلَصِينَ

Transliteration: (Illaa 'ibaadaka minhumul mukhlaseen)

"सिवाय तेरे उन बन्दों के जो उन में से चुने हुए (ख़ालिस) हैं [46]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 40 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"सिवाय तेरे उन बन्दों के जो उन में से चुने हुए (ख़ालिस) हैं [46]।"

[46] अम्बिया किराम की इस्मत (मासूमियत)

इससे साबित हुआ कि तमाम अम्बिया किराम मासूम होते हैं। गुनाह शैतान या नफ़्स-ए-अम्मारा की तरफ़ से होता है, और अम्बिया के नफ़ूस इन तमाम बुराइयों से पाक होते हैं। हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया: "मगर जिस पर मेरा रब रहम फ़रमाए" (सूरह यूसुफ़, आयत 53)। शैतान उनको कभी नहीं बहका सकता था। जो लोग अम्बिया की इस्मत (मासूमियत) का इनकार करते हैं, वे शैतान से भी बदतर हैं।

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