कुरान - 15:41 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
قَالَ هَٰذَا صِرَٰطٌ عَلَيَّ مُسۡتَقِيمٌ

Transliteration: (Qaala haaza Siraatun 'alaiya Mustaqeem)

फ़रमाया, "यह रास्ता सीधे मुझ तक आता है [47]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 41 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

फ़रमाया, "यह रास्ता सीधे मुझ तक आता है [47]।"

[47] सिरात-ए-मुस्तक़ीम और इख़्लास

इसका मतलब यह है कि अपने आपको गुमराही और धोखे से बचाना, और अल्लाह की इताअत पर साबित-क़दम रहना ही वह रास्ता है जो सीधे अल्लाह तआला तक पहुँचाता है। सूफ़िया-ए-किराम फ़रमाते हैं कि आमाल में इख़्लास ही सिरात-ए-मुस्तक़ीम है, क्योंकि रियाकारी (दिखावा) शिर्क और कुफ़्र की एक शाख़ है।

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