Transliteration: (Qaala haaza Siraatun 'alaiya Mustaqeem)
फ़रमाया, "यह रास्ता सीधे मुझ तक आता है [47]।"
इसका मतलब यह है कि अपने आपको गुमराही और धोखे से बचाना, और अल्लाह की इताअत पर साबित-क़दम रहना ही वह रास्ता है जो सीधे अल्लाह तआला तक पहुँचाता है। सूफ़िया-ए-किराम फ़रमाते हैं कि आमाल में इख़्लास ही सिरात-ए-मुस्तक़ीम है, क्योंकि रियाकारी (दिखावा) शिर्क और कुफ़्र की एक शाख़ है।
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