कुरान - 15:35 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
وَإِنَّ عَلَيۡكَ ٱللَّعۡنَةَ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلدِّينِ

Transliteration: (Wa inna 'alaikal la'nata ilaa Yawmid Deen)

और बेशक तुझ पर क़यामत के दिन तक लानत है [42]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 35 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और बेशक तुझ पर क़यामत के दिन तक लानत है [42]।

[42] लानत की मुद्दत और अंजाम

इसका मतलब यह है कि क़यामत के दिन तक शैतान पर तमाम कायनात की लानत बरसती रहेगी, और क़यामत के बाद उसे हमेशा-हमेशा के लिए जहन्नम के अज़ाब में डाल दिया जाएगा।

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