Transliteration: (Fa asri bi ahlika biqit'im minal laili wattabi' adbaarahum wa laa yaltafit minkum ahadunw wamdoo haisu tu'maroon)
"तो अपने घर वालों को कुछ रात रहे लेकर निकल जाओ [74] और आप उनके पीछे चलो [75] और तुम में से कोई पीछे मुड़कर न देखे, और जहाँ का तुम्हें हुक्म दिया जा रहा है सीधे चले जाओ [76]।"
इससे मालूम हुआ कि हज़रत लूत अलैहिस्सलाम के कुछ घर वालों के सिवा उस पूरी बस्ती में कोई मोमिन नहीं था। जब तक किसी बस्ती में नेक बन्दे मौजूद हों, वहाँ अज़ाब नहीं आता; इसलिए अज़ाब से पहले मोमिनीन को बस्ती से बाहर निकाल लिया गया।
हज़रत लूत अलैहिस्सलाम को पीछे चलने का हुक्म इसलिए हुआ ताकि कोई पीछे छूट न जाए और आप सबकी निगरानी फ़रमाएँ। इससे मालूम हुआ कि क़ौम का राहनुमा और मुहाफ़िज़ क़ाफ़िले की हिफ़ाज़त के लिए पीछे भी रह सकता है।
हुक्म दिया गया कि सीधे मुल्क-ए-शाम की तरफ़ चले जाओ, जो सलामती और अमन का मक़ाम था।
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