कुरान - 15:66 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

66
وَقَضَيۡنَآ إِلَيۡهِ ذَٰلِكَ ٱلۡأَمۡرَ أَنَّ دَابِرَ هَـٰٓؤُلَآءِ مَقۡطُوعٞ مُّصۡبِحِينَ

Transliteration: (Wa qadainaaa ilaihi zaalikal amra anna daabira haaa'ulaaa'i maqtoo'um musbiheen)

और हमने उसकी तरफ़ यह फ़ैसला वह्य कर दिया कि सुबह होते-होते इनकी जड़ काट दी जाएगी [77]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 66 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 66 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और हमने उसकी तरफ़ यह फ़ैसला वह्य कर दिया कि सुबह होते-होते इनकी जड़ काट दी जाएगी [77]।

[77] बुराई की मुकम्मल बेख़-कनी (जड़ कटना)

'जड़ कटने' से मुराद यह है कि उन काफ़िरों की कोई नस्ल या औलाद बाक़ी न रहेगी जो उनकी नसल को आगे बढ़ा सके; उनका नामोनिशान मिटा दिया जाएगा। याद रहे कि ऐसी आम हलाकत की सज़ा हमारे प्यारे आक़ा हुज़ूर अकरम ﷺ की मुबारक आमद के बाद उम्मत से उठा ली गई है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now