कुरान - 15:67 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

67
وَجَآءَ أَهۡلُ ٱلۡمَدِينَةِ يَسۡتَبۡشِرُونَ

Transliteration: (Wa jaaa'a ahlul madeenati yastabshiroon)

और शहर वाले ख़ुशियाँ मनाते हुए आए [78]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 67 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 67 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और शहर वाले ख़ुशियाँ मनाते हुए आए [78]।

[78] बदकारों की नापाक ख़ुशी

वे किसी नेक मक़सद या मेहमान-नवाज़ी के लिए नहीं, बल्कि बदकारी और बुरे इरादों से आए थे। यह वाक़िआ फ़रिश्तों की हक़ीक़त खुलने से पहले पेश आया था, जब हज़रत लूत अलैहिस्सलाम उन्हें आम इन्सानी मेहमान समझ रहे थे।

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