कुरान - 15:69 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَلَا تُخۡزُونِ

Transliteration: (Wattaqul laaha wa laa tukhzoon)

"और अल्लाह से डरो और मुझे शर्मिंदा न करो [80]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 69 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और अल्लाह से डरो और मुझे शर्मिंदा न करो [80]।"

[80] मेहमान की इज़्ज़त मेज़बान की इज़्ज़त है

इससे मालूम हुआ कि मेहमान की बेइज़्ज़ती हक़ीक़त में मेज़बान की बेइज़्ज़ती है, और मेहमान का एहतिराम मेज़बान का एहतिराम है।

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