कुरान - 15:71 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

71
قَالَ هَـٰٓؤُلَآءِ بَنَاتِيٓ إِن كُنتُمۡ فَٰعِلِينَ

Transliteration: (Qaala haaa'ulaaa'i banaateee in kuntum faa'ileen)

लूत ने कहा, "ये मेरी (क़ौम की) बेटियाँ हैं [82] (तुम इनसे शरीअत के मुताबिक़ निकाह कर लो), अगर तुम्हें कुछ करना है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 71 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 71 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

लूत ने कहा, "ये मेरी (क़ौम की) बेटियाँ हैं [82], अगर तुम्हें कुछ करना है।"

[82] 'क़ौम की बेटियाँ' और हलाल निकाह की दावत

हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने बदकारी से रोकने के लिए अपनी क़ौम की औरतों को 'मेरी बेटियाँ' फ़रमाया, क्योंकि नबी अपनी उम्मत के लिए रूहानी बाप की हैसियत रखता है। आपने फ़रमाया कि अगर तुम्हें अपनी ख़्वाहिश पूरी करनी है तो इन औरतों से जाइज़ व हलाल तरीक़े पर निकाह करो, और बदकारी छोड़कर पाकीज़गी की राह इख़्तियार करो।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now