कुरान - 15:73 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
فَأَخَذَتۡهُمُ ٱلصَّيۡحَةُ مُشۡرِقِينَ

Transliteration: (Fa akhazat humus saihatu mushriqeen)

तो सूरज निकलते-निकलते उन्हें एक भयानक चीख़ (कड़क) ने आ पकड़ा [84]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 73 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

तो सूरज निकलते-निकलते उन्हें एक भयानक चीख़ (कड़क) ने आ पकड़ा [84]।

[84] सुबह के वक़्त आसमानी धमाका (सयहा)

यह क़ौम-ए-लूत पर आने वाले अज़ाब की शुरुआत थी। सूरज निकलते वक़्त जब वे बेख़बर थे, आसमान से एक भयानक और दिल दहला देने वाली कड़कती चीख़ (सयहा) आई जिसने उनके कलेजे फाड़ दिए और उन्हें हलाक कर दिया।

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