कुरान - 15:75 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

75
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّلۡمُتَوَسِّمِينَ

Transliteration: (Inna fee zaalika la Aayaatil lilmutawassimeen)

बेशक इसमें निशानियाँ हैं फ़िरासत (समझ) रखने वालों के लिए [87]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 75 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 75 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

बेशक इसमें निशानियाँ हैं फ़िरासत (समझ) रखने वालों के लिए [87]।

[87] अहले-बसीरत और फ़िरासत के लिए इब्रत

क़ौम-ए-लूत की तबाही महज़ कोई क़िस्सा नहीं है, बल्कि गहरी नज़र, अक़्ल और रूहानी फ़िरासत रखने वालों (अल-मुतवस्सिमीन) के लिए खुली निशानी है कि अल्लाह के अहकाम तोड़ने वाली क़ौमों का अंजाम कितना ख़ौफ़नाक होता है।

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