कुरान - 15:76 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

76
وَإِنَّهَا لَبِسَبِيلٖ مُّقِيمٍ

Transliteration: (Wa innahaa labi sabeelim muqeem)

और बेशक वह बस्ती एक ऐसे रास्ते पर है जो अब तक चलता है [88]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 76 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 76 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और बेशक वह बस्ती एक ऐसे रास्ते पर है जो अब तक चलता है [88]।

[88] रास्ते पर बाक़ी रहने वाले इब्रतनाक खण्डहर

क़ौम-ए-लूत की तबाहशुदा बस्तियाँ शाम (सीरिया) जाने वाले उस आम रास्ते (बहर-ए-मुर्दार / Dead Sea के पास) पर मौजूद हैं जहाँ से मक्का के तिजारती क़ाफ़िले अक्सर गुज़रते थे। अल्लाह ने इन खण्डहरों को बाक़ी रखा ताकि मुसाफ़िर अपनी आँखों से देखकर इब्रत व नसीहत हासिल करें।

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