कुरान - 15:77 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

77
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗ لِّلۡمُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Inna fee zaalika la Aayatal lilmu'mineen)

बेशक इसमें ईमान वालों के लिए बड़ी निशानी है [87]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 77 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 77 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

बेशक इसमें ईमान वालों के लिए बड़ी निशानी है [87]।

[87] ईमान की रोशनी से तारीख़ की पहचान

ईमान, अक़्ल और बसीरत अल्लाह तआला की अज़ीम नेमतें हैं। बे-ईमान लोग ऐसी तबाही को महज़ इत्तिफ़ाक़ या क़ुदरती हादसा क़रार देकर गुज़र जाते हैं, जबकि साहिब-ए-ईमान इन्सान इसमें अल्लाह के क़हर और नाफ़रमानी के वबाल को देखकर अपने रब से डरता है और गुनाहों से तौबा करता है।

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