कुरान - 15:96 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

96
ٱلَّذِينَ يَجۡعَلُونَ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَۚ فَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Allazeena yaj'aloona ma'al laahi ilaahan aakhar; fasawfa ya'lamoon)

जिन्होंने अल्लाह के साथ दूसरा माबूद (पूज्य) ठहरा रखा है; तो अब जल्द जान जाएँगे [107]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 96 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 96 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

जिन्होंने अल्लाह के साथ दूसरा माबूद (पूज्य) ठहरा रखा है; तो अब जल्द जान जाएँगे [107]।

[107] शिर्क और गुस्ताख़ी का इब्रतनाक अंजाम

यह उन्हीं पाँचों गुस्ताख़ों का अंजाम है: अस्वद बिन मुत्तलिब दरख़्त पर सर पटक-पटक कर चीख़ता हुआ मरा कि कोई मेरा सर कुचल रहा है; हारिस बिन क़ैस मछली खाने के बाद ऐसी शदीद प्यास में मुब्तला हुआ कि पानी पीते-पीते पेट फटकर मर गया। इससे मालूम हुआ कि शिर्क और रसूल की गुस्ताख़ी दुनिया और आख़िरत दोनों में हलाकत का सबब है।

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