कुरान - 15:98 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

98
فَسَبِّحۡ بِحَمۡدِ رَبِّكَ وَكُن مِّنَ ٱلسَّـٰجِدِينَ

Transliteration: (Fasabbih bihamdi Rabbika wa kum minas saajideen)

तो अपने रब की तारीफ़ करते हुए उसकी पाकी बयान कीजिए और सजदा करने वालों में हो जाइए [108]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 98 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 98 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

तो अपने रब की तारीफ़ करते हुए उसकी पाकी बयान कीजिए और सजदा करने वालों में हो जाइए [108]।

[108] ग़म और परेशानी का रूहानी इलाज

यह आयत रंज, परेशानी और ग़म का सबसे बड़ा इलाज बताती है: अल्लाह की हम्द व तस्बीह और नमाज़ में सजदा-रेज़ी। क़ुरआन फ़रमाता है: "सुन लो! अल्लाह के ज़िक्र ही से दिलों को चैन मिलता है" (सूरह अर-रअद 13:28)। जब भी दुनियावी तकलीफ़ें सताएँ, तो अल्लाह के ज़िक्र और नमाज़ की तरफ़ रुजू करना ही मोमिन की ताक़त और सुकून है।

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