Transliteration: (Fasabbih bihamdi Rabbika wa kum minas saajideen)
तो अपने रब की तारीफ़ करते हुए उसकी पाकी बयान कीजिए और सजदा करने वालों में हो जाइए [108]।
यह आयत रंज, परेशानी और ग़म का सबसे बड़ा इलाज बताती है: अल्लाह की हम्द व तस्बीह और नमाज़ में सजदा-रेज़ी। क़ुरआन फ़रमाता है: "सुन लो! अल्लाह के ज़िक्र ही से दिलों को चैन मिलता है" (सूरह अर-रअद 13:28)। जब भी दुनियावी तकलीफ़ें सताएँ, तो अल्लाह के ज़िक्र और नमाज़ की तरफ़ रुजू करना ही मोमिन की ताक़त और सुकून है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat