कुरान - 3:101 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

101
وَكَيۡفَ تَكۡفُرُونَ وَأَنتُمۡ تُتۡلَىٰ عَلَيۡكُمۡ ءَايَٰتُ ٱللَّهِ وَفِيكُمۡ رَسُولُهُۥۗ وَمَن يَعۡتَصِم بِٱللَّهِ فَقَدۡ هُدِيَ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ

Transliteration: (Wa kaifa takfuroona wa antum tutlaa 'alaikum Aayaatul laahi wa feekum Rasooluh; wa mai ya'tasim billaahi faqad hudiya ilaa Siraatim Mustaqeem)

यह कैसे हो सकता है कि तुम इनकार करो, जबकि तुम्हारे सामने अल्लाह की आयतें पढ़ी जा रही हैं, और उसका रसूल तुम्हारे बीच मौजूद है [223]? जो कोई अल्लाह से सहायता चाहता है [224], उसे सीधी राह की ओर हिदायत दी जाती है [225]. (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 101 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा आले-इमरान – आयत 101 की तफ़्सीर

 

✅ [223] कुरआन की तिलावत और रसूल की मौजूदगी

यह आयत सहाबा के समूहों को संबोधित करती है। उनसे पूछा गया है कि तुम कैसे गुमराही की ओर जा सकते हो, जबकि तुमने रसूलुल्लाह ﷺ की संगत पाई है, और कुरआन की आयतें स्वयं उनके माध्यम से सुनी हैं। यह एक आध्यात्मिक सुरक्षा है, जिसने उन्हें गलत विश्वासों से बचाए रखा। आयत का संदेश यह है कि रसूल की मौजूदगी और कुरआन की तिलावत के होते हुए आपसी लड़ाई-झगड़े की कोई गुंजाइश नहीं। बाद के समय में सहाबा के आपसी युद्ध धार्मिक मतभेदों पर आधारित थे, न कि व्यक्तिगत स्वार्थों पर। जो कोई उन्हें व्यक्तिगत लड़ाइयाँ समझता है, वह इस आयत की सच्चाई का इंकार करता है।

✅ [224] रसूल की शरण और मार्गदर्शन

इस आयत में रसूलुल्लाह ﷺ का ज़िक्र अल्लाह से पहले किया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो कि हिदायत और सहायता की पहली कड़ी रसूल की पैरवी है। उनका अस्तित्व आध्यात्मिक सुरक्षा कवच था, और नैतिक दिशा देने वाला था। यह क्रम दर्शाता है कि अल्लाह की मदद तक पहुँचने का रास्ता रसूल की सीरत और शिक्षा से होकर जाता है।

✅ [225] सीधा रास्ता — विश्वास और कर्म का मेल

सीधा रास्ता (सिरातुल मुस्तक़ीम) सिर्फ़ सही विश्वासों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अच्छे कर्म और सामाजिक एकता भी शामिल हैं। यह रास्ता वह है जहाँ भाईचारा, संघर्ष से बचाव, और नैतिक चरित्र साथ-साथ चलते हैं। आयत यह सिखाती है कि सही आस्था के साथ नेक अमल और आपसी सम्मान भी आवश्यक हैं — यही असल में सीधा रास्ता है।

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