कुरान - 3:170 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

170
فَرِحِينَ بِمَآ ءَاتَىٰهُمُ ٱللَّهُ مِن فَضۡلِهِۦ وَيَسۡتَبۡشِرُونَ بِٱلَّذِينَ لَمۡ يَلۡحَقُواْ بِهِم مِّنۡ خَلۡفِهِمۡ أَلَّا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ

Transliteration: (Fariheena bimaaa aataa humul laahu min fadlihee wa yastabshiroona billazeena lam yalhaqoo bihim min khalfihim allaa khawfun 'alaihim wa laa hum yahzanoon)

वे उस पर ख़ुश व शादमान हैं जो अल्लाह ने अपने फ़ज़्ल से उन्हें अता फ़रमाया, और उन लोगों के बारे में भी ख़ुशख़बरी पाते हैं जो उनके पीछे रह गए और अभी उनसे नहीं मिले कि उन पर न कोई ख़ौफ़ होगा और न वे ग़मगीन होंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 170 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 170

✅ शोहदा-ए-किराम की हयात व शादमानी

शोहदा अल्लाह की बारगाह में ज़िंदा हैं और रिज़्क़ पा रहे हैं; वे अपने मक़ाम पर बेहद ख़ुश हैं और दुनिया में बाक़ी मोमिनों को भी बशारत देते हैं।

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