Transliteration: (Yastabshiroona bini'matim minal laahi wa fad linw wa annal laaha laa yudee'u ajral mu'mineen)
इस आयत में बताया गया है कि शहीद अल्लाह की दी हुई नेमतों पर खुश होते हैं। इससे कई महत्वपूर्ण बातें मालूम होती हैं:
इस भाग में अल्लाह फ़रमा रहा है कि वह मुसलमानों के सवाब को ज़ाया नहीं करता — इससे अल्लाह की इंसाफ़पसंदी और इनआमात की झलक मिलती है। यह उन सब के लिए तसल्ली है जो इख़लास और सब्र से मेहनत करते हैं — ख़ासकर जान की कुर्बानी देने वाले शहीद। अल्लाह तआला हर कुर्बानी को क़ुबूल करता है, और उसका सिला ज़रूर अता करता है, चाहे दुनिया में हो या आख़िरत में।
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