और अल्लाह ही के लिए है आसमानों और ज़मीन की बादशाही [432], और अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है।
इस आयत में ऐलान किया गया है कि आसमानों और ज़मीन की सारी हुकूमत और बादशाही सिर्फ अल्लाह के लिए है। दुनिया के बादशाह और हाकिम चाहे जितने ताक़तवर दिखें, उनकी ताक़त महज़ अल्लाह की दी हुई, सीमित और अस्थायी होती है। इसके बरअक्स, अल्लाह की मल्कियत हमेशा के लिए है, बेमिसाल और किसी पर निर्भर नहीं।
यहाँ से एक अहम उसूल मालूम होता है: जब क़ुरआन में अल्लाह की ख़ास इल्म, क़ुदरत या अख़्तियार का ज़िक्र आता है—जैसे:
"और उसी के पास है ग़ैब का इल्म" (सूरा अन-नहल 16:77),
या "और अल्लाह ही हिसाब लेने के लिए काफी है" (सूरा आले-इमरान 3:39)—
तो उसका मतलब है कि ये सब असली, मुकम्मल और बग़ैर किसी वसीले के सिर्फ अल्लाह के पास हैं।
मख़लूक को जो कुछ भी इल्म, मदद या ताक़त मिलती है, वह मحدूद और अल्लाह की दी हुई होती है।
यह आयत तौहीद की बुनियाद है—जो याद दिलाती है कि सच्ची ताक़त, मालिकियत और अख़्तियार सिर्फ अल्लाह के पास है, और हर चीज़ उसी के हुक्म के ताबे है।
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सूरह आल-इमरान आयत 189 तफ़सीर