19. बेशक, अल्लाह के यहाँ सच्चा धर्म इस्लाम है [37]। और जिन्हें किताब दी गई थी, वे इस पर मतभेद नहीं करते थे [38] सिवाय इसके कि ज्ञान उनके पास आने के बाद [39] उनके दिल जल उठने के कारण [40]। और जो कोई अल्लाह की आयतों को झूठा ठहराए, तो बेशक अल्लाह हिसाब लेने में तेज़ है [41]।
✅ [37] इस्लाम: अल्लाह द्वारा स्वीकार किया गया एकमात्र धर्म
✅ [38] मतभेद: सच से जानबूझकर भटकाव
✅ [39] वे अंतिम पैगंबर के बारे में जानते थे
✅ [40] जलन: उनकी नकारात्मकता की जड़
✅ [41] जलनाने वालों के लिए शीघ्र हिसाब का खतरा
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सूरह आल-इमरान आयत 19 तफ़सीर