Transliteration: (Qulil laahumma Maalikal Mulki tu'til mulka man tashaaa'u wa tanzi'ul mulka mimman tashhaaa'u wa tu'izzu man tashaaa'u wa tuzillu man tashaaa'u biyadikal khairu innaka 'alaa kulli shai'in Qadeer)
👉 यह आयत उस वक़्त नाज़िल हुई जब पैग़ंबर ﷺ ने ईरान और रोमन साम्राज्यों पर विजयों की खुशख़बरी दी, लेकिन यहूदी और कुछ मुनाफ़िक़ों ने मज़ाक़ उड़ाया कि मुसलमान कमजोर हैं, ये कैसे संभव होगा?
👉 अल्लाह ने फरमाया कि ये बात तुम कहो — ये अल्लाह का आदेश है जो पैगंबर ﷺ के ज़ुबान से बोलना है।
👉 दुनिया की सारी सत्ताएँ, ताक़तें, और रियासतें अल्लाह के हाथ में हैं।
👉 कोई राजा, हुकूमत, या ताक़त असल में अल्लाह की इजाज़त के बिना कायम नहीं रह सकती।
👉 चाहे वो राजा, नेता, या कोई ताक़तवर शख़्स हो — उसका मालिक तो अल्लाह ही है।
👉 जैसे सत्ता देना अल्लाह की मर्ज़ी से है, उसी तरह उसे छीनना भी उसकी मर्ज़ी से है।
👉 कोई इंसान जब तक अल्लाह की रज़ा से न हो, सत्ता पा भी सकता है और छूट भी सकता है।
👉 यही ताक़त और नफ़ाज़ (नियंत्रण) अल्लाह की बेजोड़ हुकूमत की निशानी है।
👉 दुनिया का सारा अच्छाई, बरकत, और नेक काम अल्लाह की तरफ से है।
👉 चाहे वो इंसानी इज्ज़त, दौलत, सलामती, या कोई भी भलाई हो — सब अल्लाह की दी हुई है।
👉 इसीलिए इंसान को हमेशा अल्लाह का शुक्राना करना चाहिए।
👉 अल्लाह हर चीज़ पर क़ाबू रखता है — जो भी मुमकिन है, उसकी पूरी ताक़त अल्लाह के हाथ में है।
👉 कोई भी चीज़ उसकी मर्ज़ी के बिना नहीं होती।
👉 ये उसकी अद्भुत शक्ति और ज़बरदस्ती का परिचायक है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat