कुरान - 3:26 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

26
قُلِ ٱللَّهُمَّ مَٰلِكَ ٱلۡمُلۡكِ تُؤۡتِي ٱلۡمُلۡكَ مَن تَشَآءُ وَتَنزِعُ ٱلۡمُلۡكَ مِمَّن تَشَآءُ وَتُعِزُّ مَن تَشَآءُ وَتُذِلُّ مَن تَشَآءُۖ بِيَدِكَ ٱلۡخَيۡرُۖ إِنَّكَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ

Transliteration: (Qulil laahumma Maalikal Mulki tu'til mulka man tashaaa'u wa tanzi'ul mulka mimman tashhaaa'u wa tu'izzu man tashaaa'u wa tuzillu man tashaaa'u biyadikal khairu innaka 'alaa kulli shai'in Qadeer)

26. "कहो (हे प्यारे नबी) [54]: 'मेरे मालिक! तू ही सारी ताक़तों का मालिक है। तू जिसे चाहता है, उसे सत्ताधारी (राजा) बनाता है [55], और जिसे चाहता है, से सत्ताधिकार छीन लेता है [56]। तू जिसे चाहता है, उसे सम्मानित करता है, और जिसे चाहता है, उसे निचा दिखाता है। सारा भला तेरे ही हाथ में है [57]। निश्चय ही तू सब पर ज़बरदस्त ताक़त रखने वाला है [58]।'" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 26 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

[54] "कहो (हे प्यारे नबी)..." — आदेश और वजह

👉 यह आयत उस वक़्त नाज़िल हुई जब पैग़ंबर ﷺ ने ईरान और रोमन साम्राज्यों पर विजयों की खुशख़बरी दी, लेकिन यहूदी और कुछ मुनाफ़िक़ों ने मज़ाक़ उड़ाया कि मुसलमान कमजोर हैं, ये कैसे संभव होगा?
👉 अल्लाह ने फरमाया कि ये बात तुम कहो — ये अल्लाह का आदेश है जो पैगंबर ﷺ के ज़ुबान से बोलना है।

[55] "तू जिसे चाहता है, उसे सत्ताधारी बनाता है" — अल्लाह की हुकूमत

👉 दुनिया की सारी सत्ताएँ, ताक़तें, और रियासतें अल्लाह के हाथ में हैं।
👉 कोई राजा, हुकूमत, या ताक़त असल में अल्लाह की इजाज़त के बिना कायम नहीं रह सकती।
👉 चाहे वो राजा, नेता, या कोई ताक़तवर शख़्स हो — उसका मालिक तो अल्लाह ही है।

[56] "तू जिसे चाहता है, से सत्ताधिकार छीन लेता है" — सत्ता का हक़ अल्लाह के हाथ में

👉 जैसे सत्ता देना अल्लाह की मर्ज़ी से है, उसी तरह उसे छीनना भी उसकी मर्ज़ी से है।
👉 कोई इंसान जब तक अल्लाह की रज़ा से न हो, सत्ता पा भी सकता है और छूट भी सकता है।
👉 यही ताक़त और नफ़ाज़ (नियंत्रण) अल्लाह की बेजोड़ हुकूमत की निशानी है।

[57] "सारा भला तेरे ही हाथ में है" — बरकत और नेकियाँ

👉 दुनिया का सारा अच्छाई, बरकत, और नेक काम अल्लाह की तरफ से है।
👉 चाहे वो इंसानी इज्ज़त, दौलत, सलामती, या कोई भी भलाई हो — सब अल्लाह की दी हुई है।
👉 इसीलिए इंसान को हमेशा अल्लाह का शुक्राना करना चाहिए।

[58] "तू सब पर ज़बरदस्त ताक़त रखने वाला है" — अल्लाह की पराक्रांति

👉 अल्लाह हर चीज़ पर क़ाबू रखता है — जो भी मुमकिन है, उसकी पूरी ताक़त अल्लाह के हाथ में है।
👉 कोई भी चीज़ उसकी मर्ज़ी के बिना नहीं होती।
👉 ये उसकी अद्भुत शक्ति और ज़बरदस्ती का परिचायक है।

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