कुरान - 3:3 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

3
نَزَّلَ عَلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ بِٱلۡحَقِّ مُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهِ وَأَنزَلَ ٱلتَّوۡرَىٰةَ وَٱلۡإِنجِيلَ

Transliteration: (Nazzala 'alaikal Kitaaba bilhaqqi musaddiqal limaa baina yadaihi wa anzalat Tawraata wal Injeel)

उसने आप पर हक़ के साथ यह किताब (क़ुरआन) नाज़िल की जो अपने से पहले वाली किताबों की तस्दीक़ करती है, और उसने तौरात और इन्जील को नाज़िल किया; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 3 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 3

✅ क़ुरआने मजीद और साबिक़ा कुतुब

क़ुरआने हकीम तौरात व इन्जील की असल तालीमात की तस्दीक़ करने वाली और हक़ व बातिल के दरमियान फ़र्क़ करने वाली किताब है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now