Transliteration: (Qaala Rabbij 'al leee Aayatan qaala Aaayatuka allaa tukalliman naasa salaasata ayyaamin illa ramzaa; wazkur Rabbaka kaseeranw wa sabbih bil'ashiyyi wal ibkaar)
हज़रत ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से यह दुआ की कि उन्हें कोई ऐसी निशानी दी जाए जिससे उन्हें पता चल सके कि उनकी पत्नी गर्भवती हो गई हैं, ताकि वे इस नेमत पर पूरी तरह अल्लाह की याद में लीन होकर शुक्र अदा कर सकें।
इससे दो बातें निकलती हैं:
हालाँकि अल्लाह का ज़िक्र हर वक़्त फ़ज़ीलत वाला है, लेकिन सुबह और शाम के वक़्त ज़िक्र की खास अहमियत है, क्योंकि इन वक़्तों में फ़रिश्ते भी हाज़िर होते हैं। जैसा कि बयान हुआ: “निःसंदेह, कुरआन की फज्र की तिलावत में फ़रिश्ते मौजूद होते हैं।” (सूरह बनी इसराईल, 17:78)
इन वक़्तों में तमाम मख़लूकात अल्लाह की तस्बीह करती है।
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