कुरान - 3:49 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

49
وَرَسُولًا إِلَىٰ بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ أَنِّي قَدۡ جِئۡتُكُم بِـَٔايَةٖ مِّن رَّبِّكُمۡ أَنِّيٓ أَخۡلُقُ لَكُم مِّنَ ٱلطِّينِ كَهَيۡـَٔةِ ٱلطَّيۡرِ فَأَنفُخُ فِيهِ فَيَكُونُ طَيۡرَۢا بِإِذۡنِ ٱللَّهِۖ وَأُبۡرِئُ ٱلۡأَكۡمَهَ وَٱلۡأَبۡرَصَ وَأُحۡيِ ٱلۡمَوۡتَىٰ بِإِذۡنِ ٱللَّهِۖ وَأُنَبِّئُكُم بِمَا تَأۡكُلُونَ وَمَا تَدَّخِرُونَ فِي بُيُوتِكُمۡۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗ لَّكُمۡ إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Wa Rasoolan ilaa Baneee Israaa'eela annee qad ji'tukum bi Aayatim mir Rabbikum annee akhluqu lakum minatteeni kahai 'atittairi fa anfukhu feehi fayakoonu tairam bi iznil laahi wa ubri'ul akmaha wal abrasa wa uhyil mawtaa bi iznil laahi wa unabbi'ukum bimaa taakuloona wa maa taddakhiroona fee buyootikum; inna fee zaalika la Aayatal lakum in kuntum mu'mineen)

और वह बनी इसराईल की तरफ़ रसूल होगा [103], वह कहेगा: “मैं तुम्हारे पास तुम्हारे रब की तरफ़ से एक निशानी लेकर आया हूँ [104], कि मैं मिट्टी से एक पक्षी की शक्ल बनाता हूँ [105], फिर उसमें फूँक मारता हूँ [106] तो वह अल्लाह के हुक्म से ज़िंदा हो जाता है [107]। और मैं जन्मजात अंधों और कोढ़ियों को शिफ़ा देता हूँ [108] [109], और अल्लाह के हुक्म से मुर्दों को ज़िंदा करता हूँ [110]। और मैं तुम्हें वह बातें बताता हूँ जो तुम खाते हो और जो अपने घरों में जमा करके रखते हो [111]। बेशक, इसमें तुम्हारे लिए निशानियाँ हैं अगर तुम ईमान लाओ।” (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 49 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले-इमरान – आयत 49 की तफ़्सीर

 

✅ [103] नबूवत सिर्फ़ बनी इसराईल के लिए

हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) को सिर्फ़ बनी इसराईल की तरफ़ भेजा गया था, सारी इंसानियत की तरफ़ नहीं।
इससे यह साबित होता है कि क़ुरैश, जो बनी इस्माईल से थे, उनकी रिसालत के दायरे में नहीं आते थे, और वह हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के दीन पर क़ायम रहे जब तक कि रसूलुल्लाह ﷺ ना आ गए।

✅ [104] मोज़ज़ात के ज़रिये नबूवत का सबूत

इस आयत में हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के कई मोज़ज़ात (चमत्कार) गिनाए गए हैं, जो उनकी नबूवत को साबित करते हैं।

✅ [105] मिट्टी से परिंदा बनाना

पहले की शरीअतों में किसी जानदार की तस्वीर बनाना मना नहीं था।
हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) मिट्टी से परिंदे की शक्ल बनाते, और यह महज़ हुनर नहीं, बल्कि अल्लाह की कुदरत का मोज़ज़ा था।

✅ [106] उसमें फूँक मारना – मुक़द्दस साँस की बरकत

फिर वे उस पर फूँक मारते, और वह परिंदा अल्लाह के हुक्म से ज़िंदा हो जाता।
यह दिखाता है कि पैग़म्बरों और औलिया की साँस और दुआ में भी अल्लाह की बरकत से असर होता है।

✅ [107] अल्लाह के हुक्म से ज़िंदगी

हर मोज़ज़े के साथ हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) यह बात ज़रूर कहते कि यह सब कुछ अल्लाह के हुक्म से हो रहा है, जिससे उनकी अल्लाह के सामने पूरी आजिज़ी और बंदगी ज़ाहिर होती है।

✅ [108] अंधों और कोढ़ियों को शिफ़ा देना

वे पैदाइशी अंधों और कोढ़ के मरीज़ों को शिफ़ा देते, जो उस दौर की लाइलाज बीमारियाँ थीं।
यह साबित करता है कि अल्लाह के औलिया के ज़रिये भी शिफ़ा मुमकिन है, अगर वह अल्लाह के हुक्म से हो।

✅ [109] अपने दौर की सबसे बड़ी करामतें

हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के दौर में तिब्ब (चिकित्सा विज्ञान) बहुत उन्नत था, इसलिए उनके मोज़ज़े भी इसी मैदान में हुए, ताकि ज़्यादा असरदार साबित हों।
इनमें शामिल हैं:

  • मुर्दों को ज़िंदा करना,
  • जन्म से अंधों और कोढ़ियों को शिफ़ा देना।

✅ [110] मुर्दों को ज़िंदा करना

हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) ने चार मशहूर लोगों को ज़िंदा किया:

  • अ'ज़ार – जो ज़िंदा रहने के बाद कई साल जिए,
  • एक जवान लड़का,
  • एक लड़की,
  • और हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) के बेटे साम, जिन्होंने वापसी से इंकार कर दिया।
    यह साबित करता है कि पैग़म्बर और कभी-कभी औलिया अल्लाह भी, अल्लाह के हुक्म से मुर्दों को ज़िंदा कर सकते हैं, जैसे कि हज़रत ग़ौस-ए-आज़म (रह.) से मन्सूब करामात।

✅ [111] ग़ैब का इल्म

हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) लोगों को बताते थे:

  • क्या खाया है,
  • क्या घरों में जमा किया है,
  • और कभी-कभी आगे क्या खाओगे।
    यह सब इल्म-ए-ग़ैब (ग़ैब का ज्ञान) है, जो अल्लाह की तरफ़ से अता हुआ इल्म है।
    अगर हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के पास यह इल्म था, तो रसूलुल्लाह ﷺ, जो सारे पैग़म्बरों के ख़ातिम हैं, उनका इल्म-ए-ग़ैब उससे भी अफ़ज़ल और मुकम्मल है।
    यह सब मोज़ज़ात नबूवत की सच्चाई के सबूत हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now