कुरान - 3:59 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

59
إِنَّ مَثَلَ عِيسَىٰ عِندَ ٱللَّهِ كَمَثَلِ ءَادَمَۖ خَلَقَهُۥ مِن تُرَابٖ ثُمَّ قَالَ لَهُۥ كُن فَيَكُونُ

Transliteration: (Inna masala 'Eesaa 'indal laahi kamasali Aadama khalaqahoo min turaabin summa qaala lahoo kun fayakoon)

“बेशक, ईसा की मिसाल अल्लाह के नज़दीक आदम जैसी है [128]। उसने उसे मिट्टी से पैदा किया, फिर उससे कहा: 'हो जा', और वह हो गया [129]।” (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 59 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले-इमरान – आयत 59 की तफ़्सीर

 

✅ [128] हज़रत ईसा (अ.स) — अल्लाह के बंदे, न कि अल्लाह के बेटे

हज़रत आदम (अ.स) को बिना बाप और मां के पैदा किया गया — फिर भी कोई उन्हें अल्लाह का बेटा नहीं कहता।
इसी तरह हज़रत ईसा (अ.स) को बिना बाप के पैदा किया गया,
तो उन्हें ख़ुदा का बेटा कहना सरासर ग़लत है।

👉 यह आयत ईसाइयों के इस दावे का रद्द करती है कि ईसा अल्लाह के बेटे हैं।
वह अल्लाह की मख़लूक़ हैं, जैसे बाक़ी इंसान।

✅ [129] अल्लाह की क़ुदरत क़ानून-ए-फ़ितरत से ऊपर है

⚡ जब अल्लाह किसी चीज़ का इरादा करता है, तो वो सिर्फ़ कहता है: “हो जा (كن)”,
और वो चीज़ फ़ौरन वजूद में आ जाती है।

📌 यानी:

  • आम तौर पर बच्चे मां-बाप के ज़रिए पैदा होते हैं — यह क़ानून-ए-क़ुदरत है।
  • लेकिन अल्लाह की मर्ज़ी और क़ुदरत इन तमाम ज़ाहिरी वसीलों से बिल्कुल ऊपर है।

🧠 इसलिए मोमिन को चाहिए कि:

  • वह इल्मी और क़ुदरती उसूलों को माने,
  • लेकिन साथ ही अल्लाह की बेमिसाल ताक़त को भी पूरी यक़ीन के साथ तस्लीम करे।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now