कुरान - 3:60 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

60
ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّكَ فَلَا تَكُن مِّنَ ٱلۡمُمۡتَرِينَ

Transliteration: (Alhaqqu mir Rabbika falaa takum minal mumtareen)

निश्चय ही सत्य तुम्हारे रब की ओर से है। अतः तुम संशय करने वालों में न हो जाओ [130] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 60 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा आले-इमरान – आयत 60 की तफ़्सीर

 

✅ [130] अल्लाह के सत्य में कोई संदेह नहीं

इस आयत में यह दोहराया गया है कि:
हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) बिना पिता के पैदा हुए,
वह अल्लाह के बंदे हैं, न कि अल्लाह या अल्लाह के बेटे।
इसलिए इन सच्चाइयों में शक करना ईमान से भटक जाना है।
इसी आधार पर नासारा (ईसाई) और क़ादियानी—जो नबूवत की अंतिमता या पूर्णता को नहीं मानते—इस्लामी अक़ीदे में काफ़िर माने जाते हैं।

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