कुरान - 17:25 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
رَّبُّكُمۡ أَعۡلَمُ بِمَا فِي نُفُوسِكُمۡۚ إِن تَكُونُواْ صَٰلِحِينَ فَإِنَّهُۥ كَانَ لِلۡأَوَّـٰبِينَ غَفُورٗا

Transliteration: (Rabbukum a'lamu bimaa fee nufoosikum; in takoonoo saaliheena fa innahoo kaana lil awwaabeena Ghafoooraa)

तुम्हारा रब ख़ूब जानता है जो तुम्हारे दिलों में है; अगर तुम नेक (सालिह) हो, तो बेशक वह तौबा करने वालों (रुजू करने वालों) को बड़ा बख़्शने वाला है [63]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह बनी इस्राईल – आयत 25 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"तुम्हारा रब ख़ूब जानता है जो तुम्हारे दिलों में है; अगर तुम नेक हो, तो बेशक वह तौबा करने वालों को बड़ा बख़्शने वाला है [63]।"

[63] अल्लाह तआला दिलों की सच्ची नीयतों का सवाब देता है

अगर तुम्हारे दिल में अपने वालिदैन की ख़िदमत करने की सच्ची तमन्ना और इरादा था, मगर किसी मजबूरी या उनकी वफ़ात की वजह से तुम्हें पूरा मौक़ा न मिल सका, या बे-इरादा कोई कोताही हो गई और तुमने तौबा कर ली, तो अल्लाह तआला तुम पर कोई मुआख़ज़ा नहीं फ़रमाएगा, क्योंकि वह हमारे दिलों की तमन्नाओं और सच्ची नीयतों से पूरी तरह बाख़बर है।

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