कुरान - 17:62 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

62
قَالَ أَرَءَيۡتَكَ هَٰذَا ٱلَّذِي كَرَّمۡتَ عَلَيَّ لَئِنۡ أَخَّرۡتَنِ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ لَأَحۡتَنِكَنَّ ذُرِّيَّتَهُۥٓ إِلَّا قَلِيلٗا

Transliteration: (Qaala ara'aytaka haazal lazee karramta 'alaiya la'in akhartani ilaa Yawmil Qiyaamati la ahtanikanna zurriyyatahooo illaa qaleelaa)

उसने कहा, 'ज़रा देख तो, क्या यही वह है जिसे तूने मुझ पर बड़ाई दी है? अगर तूने मुझे क़ियामत के दिन तक की मोहलत दी, तो मैं थोड़े लोगों के सिवा इसकी पूरी औलाद को लगाम डालकर भटका दूंगा।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 62 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 62

✅ इब्लीस की खुली दुश्मनी और इंसानों को भटकाने की क़सम

इब्लीस ने अल्लाह तआला से क़ियामत तक की ज़िन्दगी की मोहलत मांगी ताकि वह बनी आदम से अपना बदला ले सके। उसने गुस्ताख़ी से कहा कि अगर मुझे मोहलत मिली, तो मैं चन्द मुख़लिस बन्दों के सिवा आदम की पूरी नस्ल को अपने वश में कर लूंगा, ठीक उसी तरह जैसे लगाम डालकर जानवर को अपनी मर्ज़ी से हाँका जाता है।

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