कुरान - 17:64 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

64
وَٱسۡتَفۡزِزۡ مَنِ ٱسۡتَطَعۡتَ مِنۡهُم بِصَوۡتِكَ وَأَجۡلِبۡ عَلَيۡهِم بِخَيۡلِكَ وَرَجِلِكَ وَشَارِكۡهُمۡ فِي ٱلۡأَمۡوَٰلِ وَٱلۡأَوۡلَٰدِ وَعِدۡهُمۡۚ وَمَا يَعِدُهُمُ ٱلشَّيۡطَٰنُ إِلَّا غُرُورًا

Transliteration: (Wastafziz manis tata'ta minhum bisawtika wa ajlib 'alaihim bikhailika wa rajilika wa shaarik hum fil amwaali wal awlaadi wa 'idhum; wa maa ya'iduhumush Shaitaanu illaa ghurooraa)

'और उनमें से जिस किसी को तू अपनी आवाज़ से बहका सकता है बहका ले, और उन पर अपने सवार और प्यादे चढ़ा ला, और उनके मालों और औलाद में साझीदार बन जा, और उनसे (झूठे) वादे कर!' और शैतान उनसे फ़रेब और धोखे के सिवा कोई वादा नहीं करता। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 64 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 64

✅ शैतानी हथकंडे: ग़लत आवाज़ें, हराम दौलत और झूठी उम्मीदें

अल्लाह तआला ने शैतान के तमाम हथकंडों को बेनक़ाब फ़रमाया: गुनाहों व बेहूदगी की आवाज़ें (जैसे लह्वो-लइब, झूठे गीत), हराम तरीक़ों से माल कमाना, औलाद को ग़लत तरबियत देना या हराम काम में लगाना। शैतान इंसान को लंबी उम्र, दुनियावी कामयाबी और झूठी उम्मीदों के सब्जबाग दिखाता है जो केवल फ़रेब और तबाही का ज़रिया हैं।

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