कुरान - 17:66 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

66
رَّبُّكُمُ ٱلَّذِي يُزۡجِي لَكُمُ ٱلۡفُلۡكَ فِي ٱلۡبَحۡرِ لِتَبۡتَغُواْ مِن فَضۡلِهِۦٓۚ إِنَّهُۥ كَانَ بِكُمۡ رَحِيمٗا

Transliteration: (Rabbukumul lazee yuzjee lakumul fulka fil bahri litabtaghoo min fadlih; innahoo kaana bikum Raheemaa)

तुम्हारा रब वही है जो तुम्हारे लिए समन्दर में कश्तियाँ चलाता है ताकि तुम उसका फ़ज़्ल (रोज़ी व तिजारत) तलाश करो; बेशक वह तुम पर बेहद मेहरबान है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 66 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 66

✅ बहर व बर में अल्लाह की रहमत और नेमतें

अल्लाह तआला अपनी कु़दरत और एहसान का ज़िक्र फ़रमाता है कि उसने पानी पर तैरने वाले जहाज़ों और कश्तियों के क़वानीन मुक़र्रर किए ताकि इंसान समन्दरों के ज़रिये तिजारत, सफ़र और अपनी रोज़ी तलाश कर सके। यह सब इंसान पर अल्लाह की रहमत और फ़ज़्ल का नतीजा है।

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