कुरान - 17:72 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
وَمَن كَانَ فِي هَٰذِهِۦٓ أَعۡمَىٰ فَهُوَ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ أَعۡمَىٰ وَأَضَلُّ سَبِيلٗا

Transliteration: (Wa man kaana fee haaziheee a'maa fahuwa fil aakhirati a'maa wa adallu sabeelaa)

और जो शख़्स इस दुनिया में (हक़ की तरफ़ से) अंधा रहा, तो वह आख़िरत में भी अंधा होगा और रास्ते से बहुत भटका हुआ होगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 72

✅ दिल का अंधापन और आख़िरत की गुमराही

यहाँ अंधेपन से मुराद जिस्मानी अंधापन नहीं, बल्कि बसीरत और दिल का अंधापन है। जो शख़्स दुनिया में अल्लाह की निशानियों, हक़ की दावत और तौहीद को देखकर भी आंखें मूंदे रहा, वह आख़िरत में भी निजात की राह से अंधा और महरूम रहेगा।

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