कुरान - 17:70 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
۞وَلَقَدۡ كَرَّمۡنَا بَنِيٓ ءَادَمَ وَحَمَلۡنَٰهُمۡ فِي ٱلۡبَرِّ وَٱلۡبَحۡرِ وَرَزَقۡنَٰهُم مِّنَ ٱلطَّيِّبَٰتِ وَفَضَّلۡنَٰهُمۡ عَلَىٰ كَثِيرٖ مِّمَّنۡ خَلَقۡنَا تَفۡضِيلٗا

Transliteration: (Wa laqad karramnaa Baneee aadama wa hamalnaahum fil barri walbahri wa razaqnaahum minat taiyibaati wa faddalnaahum 'alaa kaseerim mimman khalaqnaa tafdeelaa (section 7))

और यक़ीनन हमने औलादे आदम को बड़ी इज़्ज़त दी, और उन्हें खुश्की और तरी (समन्दर) में सवारियाँ दीं, और पाकीज़ा चीज़ों से उन्हें रोज़ी अता की, और अपनी बहुत-सी मख़्लूकात पर उन्हें नुमायां फ़ज़ीलत बख़्शी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 70

✅ अशरफ़ुल मख़्लूक़ात - इंसान की अज़ीम इज़्ज़त व फ़ज़ीलत

यह क़ुरआन मजीद की निहायत जामे आयत है जिसमें अल्लाह ने इंसानियत के वक़ार और करामत का एलान फ़रमाया। अल्लाह ने इंसान को अक़्ल, सोचने-समझने की सलाहियत, ख़ूबसूरत शक्ल व सूरत, पाकीज़ा रिज़्क़ और दुनिया पर हुकूमत व तसर्ररुफ़ की क़ुव्वत दी, और बहुत-सी मख़्लूकात पर उसे बड़ाई और शर्फ़ अता किया।

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