कुरान - 17:71 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

71
يَوۡمَ نَدۡعُواْ كُلَّ أُنَاسِۭ بِإِمَٰمِهِمۡۖ فَمَنۡ أُوتِيَ كِتَٰبَهُۥ بِيَمِينِهِۦ فَأُوْلَـٰٓئِكَ يَقۡرَءُونَ كِتَٰبَهُمۡ وَلَا يُظۡلَمُونَ فَتِيلٗا

Transliteration: (Yawma nad'oo kulla unaasim bi imaamihim faman ootiya kitaabahoo bi yameenihee fa ulaaa'ika yaqra'oona kitaabahum wa laa yuzlamoona fateelaa)

उस दिन को याद करो जब हम हर गिरोह को उनके पेशवा (इमाम या आमालनामे) के साथ बुलाएंगे; फिर जिसका आमालनामा उसके दायें हाथ में दिया जाएगा, तो वे अपना आमालनामा (ख़ुशी से) पढ़ेंगे और उन पर धागे बराबर भी ज़ुल्म न किया जाएगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 71 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 71

✅ रोज़-ए-महशर: आमालनामे और पेशवा के साथ हाज़िरी

क़ियामत के दिन हर क़ौम को उनके नबी, पेशवा या उनके नाम-ए-आमाल के साथ पुकारा जाएगा। जिन ख़ुशक़िस्मत मोमिनों का आमालनामा दायें हाथ में मिलेगा, वे बेहद मसरूर होकर अपना कारनामा देखेंगे और उनकी नेकियों का पूरा-पूरा अज्र दिया जाएगा, उन पर ज़र्रा बराबर भी नाइंसाफ़ी नहीं होगी।

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