कुरान - 17:69 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
أَمۡ أَمِنتُمۡ أَن يُعِيدَكُمۡ فِيهِ تَارَةً أُخۡرَىٰ فَيُرۡسِلَ عَلَيۡكُمۡ قَاصِفٗا مِّنَ ٱلرِّيحِ فَيُغۡرِقَكُم بِمَا كَفَرۡتُمۡ ثُمَّ لَا تَجِدُواْ لَكُمۡ عَلَيۡنَا بِهِۦ تَبِيعٗا

Transliteration: (Am amintum any yu'eedakum feehi taaratan ukhraa fa yursila 'alaikum qaasifam minar reehi fa yugh riqakum bimaa kafartum summa laa tajidoo lakum 'alainaa bihee tabee'aa)

या तुम इस बात से बेख़ौफ़ हो कि वह दोबारा तुम्हें समन्दर में वापस ले जाए, फिर तुम पर कश्ती तोड़ने वाली तूफ़ानी हवा भेज दे और तुम्हारे कुफ़्र के बदले तुम्हें डुबो दे, फिर तुम अपने लिए हम पर पीछा करने वाला कोई न पाओ? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 69

✅ कुफ़्र व नाशुक्रगुज़ारी का दर्दनाक अंजाम

क्या इंसान यह समझता है कि वह दोबारा कभी समन्दर के सफ़र पर नहीं जाएगा? अल्लाह जब चाहे हालात ऐसे बना दे कि तुम्हें फिर समन्दर का रुख़ करना पड़े और वहाँ शदीद तूफ़ान भेजकर तुम्हारी नाशुक्रगुज़ारी के बाइस तुम्हें ग़र्क़ कर दे, और अल्लाह की पकड़ से कोई तुम्हें बचा न सकेगा।

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