कुरान - 17:73 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
وَإِن كَادُواْ لَيَفۡتِنُونَكَ عَنِ ٱلَّذِيٓ أَوۡحَيۡنَآ إِلَيۡكَ لِتَفۡتَرِيَ عَلَيۡنَا غَيۡرَهُۥۖ وَإِذٗا لَّٱتَّخَذُوكَ خَلِيلٗا

Transliteration: (Wa in kaadoo la yaftinoonaka 'anil lazeee awhainaaa ilaika litaftariya 'alainaaa ghairahoo wa izallat takhazooka khaleelaa)

और (ऐ नबी!) वे लोग क़रीब थे कि आपको उस (क़ुरआन) से बहका देते जो हमने आपकी तरफ़ वह्य किया, ताकि आप हमारे ज़िम्मे कुछ और बात घड़ लें; और अगर ऐसा होता तो वे ज़रूर आपको अपना पक्का दोस्त बना लेते। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 73

✅ मुशरिकीन की साज़िशें और रसूलुल्लाह (ﷺ) की हिफ़ाज़त

मक्का के मुशरिकीन ने रसूलुल्लाह (ﷺ) पर दबाव डालने और समझौते की कोशिश की कि आप उनके बुतों की थोड़ी सी तारीफ़ कर दें या कुछ अहकाम में नरमी बरतें ताकि वे आपके दोस्त बन जाएं। लेकिन अल्लाह तआला ने अपने नबी को हर साज़िश और बहकावे से महफ़ूज़ रखा।

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