कुरान - 17:79 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
وَمِنَ ٱلَّيۡلِ فَتَهَجَّدۡ بِهِۦ نَافِلَةٗ لَّكَ عَسَىٰٓ أَن يَبۡعَثَكَ رَبُّكَ مَقَامٗا مَّحۡمُودٗا

Transliteration: (Wa minal laili fatahajjad bihee naafilatal laka 'asaaa any yab'asaka Rabbuka Maqaamam Mahmoodaa)

और रात के कुछ हिस्से में तहज्जुद पढ़िए, यह आपके लिए एक ज़ाइद (नफ़्ल) इबादत है; उम्मीद है कि आपका रब आपको 'मक़ाम-ए-महमूद' (तारीफ़ किए गए मर्तबे) पर पहुंचाएगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 79

✅ नमाज़-ए-तहज्जुद और मक़ाम-ए-महमूद (शफ़ाअत-ए-कुबरा)

तहज्जुद की नमाज़ अल्लाह के ख़ास कुर्ब का ज़रिया है। रसूलुल्लाह (ﷺ) के लिए तहज्जुद की पाबंदी का ख़ास हुक्म था, जिसके बदले अल्लाह ने आपको 'मक़ाम-ए-महमूद' का वादा फ़रमाया। मक़ाम-ए-महमूद वह आला मक़ाम है जहाँ क़ियामत के दिन रसूलुल्लाह (ﷺ) शफ़ाअत-ए-कुबरा फ़रमाएंगे और तमाम इंसान आपकी तारीफ़ करेंगे।

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