कुरान - 17:80 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

80
وَقُل رَّبِّ أَدۡخِلۡنِي مُدۡخَلَ صِدۡقٖ وَأَخۡرِجۡنِي مُخۡرَجَ صِدۡقٖ وَٱجۡعَل لِّي مِن لَّدُنكَ سُلۡطَٰنٗا نَّصِيرٗا

Transliteration: (Wa qur Rabbi adkhilnee mudkhala sidqinw wa akhrijnee mukhraja sidqinw waj'al lee milladunka sultaanan naseeraa)

और दुआ कीजिए कि 'ऐ मेरे रब! मुझे जहाँ भी दाख़िल फ़रमा, सच्चाई और इज़्ज़त के साथ दाख़िल फ़रमा, और जहाँ से भी निकाल, सच्चाई और इज़्ज़त के साथ निकाल; और मुझे अपनी तरफ़ से एक ग़लबा व ताक़त अता फ़रमा जो मेरी मददगार हो।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 80 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 80

✅ सच्चाई के दाख़िले व ख़ुरूज और नुसरत-ए-इलाही की जामे दुआ

यह दुआ हिजरत-ए-मदीना के वक़्त सिखाई गई थी—मक्का से निकलना भी सच्चाई और इज़्ज़त के साथ हो और मदीना मुनव्वरा में दाख़िला भी ख़ैर व बरकत का हो। साथ ही यह दुआ हर मोमिन के लिए ज़िन्दगी के हर नए मोड़, काम और मन्सब में अल्लाह की मदद और कामयाबी हासिल करने का बेहतरीन वज़ीफ़ा है।

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