कुरान - 17:86 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

86
وَلَئِن شِئۡنَا لَنَذۡهَبَنَّ بِٱلَّذِيٓ أَوۡحَيۡنَآ إِلَيۡكَ ثُمَّ لَا تَجِدُ لَكَ بِهِۦ عَلَيۡنَا وَكِيلًا

Transliteration: (Wa la'in shi'naa lanaz habanna billazeee awhainaaa ilaika summa laa tajidu laka bihee 'alainaa wakeelaa)

और अगर हम चाहें तो जो कुछ हमने आपकी तरफ़ वह्य किया है, सब छीन लें; फिर आप अपने लिए हमारे मुक़ाबले में कोई मददगार न पाएंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 86 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 86

✅ क़ुरआन मजीद और इल्म-ए-वह्य: अल्लाह की ख़ास अता

अल्लाह तआला अपने नबी करीम (ﷺ) और तमाम उम्मत को यह अहसास दिलाता है कि क़ुरआन मजीद और नबुव्वत का इल्म ख़ालिस अल्लाह का फ़ज़्ल और रहमत है। अगर अल्लाह चाहे तो सीनों और सफ़्हों से इस इल्म को उठा ले और कोई भी ताक़त अल्लाह के मुक़ाबले में इसे वापस नहीं ला सकती।

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