कुरान - 17:84 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

84
قُلۡ كُلّٞ يَعۡمَلُ عَلَىٰ شَاكِلَتِهِۦ فَرَبُّكُمۡ أَعۡلَمُ بِمَنۡ هُوَ أَهۡدَىٰ سَبِيلٗا

Transliteration: (Qul kulluny ya'malu 'alaa shaakilatihee fa rabbukum a'lamu biman huwa ahdaa sabeelaa (section 9))

कह दीजिए कि 'हर शख़्स अपने तरीक़े (मिज़ाज व नीयत) पर अमल कर रहा है; पस तुम्हारा रब ख़ूब जानता है कि कौन सीधे रास्ते पर है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 84 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 84

✅ हर इंसान अपने तरीक़े पर काम करता है और अल्लाह दिलों को जानता है

हर इंसान की सीरत, नीयत और मिज़ाज के मुताबिक़ उसके आमाल सादिर होते हैं—मोमिन हक़ और नेकी की राह पर चलता है और मुनकिर अपनी गुमराही पर। आख़िरकार फैसला अल्लाह के हाथ में है, जो हर एक की नीयत और अमल की हक़ीक़त को ख़ूब अच्छी तरह जानता है।

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