कुरान - 17:97 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

97
وَمَن يَهۡدِ ٱللَّهُ فَهُوَ ٱلۡمُهۡتَدِۖ وَمَن يُضۡلِلۡ فَلَن تَجِدَ لَهُمۡ أَوۡلِيَآءَ مِن دُونِهِۦۖ وَنَحۡشُرُهُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ عَلَىٰ وُجُوهِهِمۡ عُمۡيٗا وَبُكۡمٗا وَصُمّٗاۖ مَّأۡوَىٰهُمۡ جَهَنَّمُۖ كُلَّمَا خَبَتۡ زِدۡنَٰهُمۡ سَعِيرٗا

Transliteration: (Wa mai yahdil laahu fahuwal muhtad; wa mai yudlil falan tajida lahum awliyaaa'a min doonih; wa nahshuruhum Yawmal Qiyaamati 'alaa wujoohihim umyanw wa bukmanw wa summaa; ma'waahum Jahannamu kullamaa khabat zidnaahum sa'eeraa)

और जिसे अल्लाह हिदायत दे वही सही राह पाने वाला है; और जिसे वह भटका दे, तो आप उसके सिवा उनके लिए कोई मददगार न पाएंगे। और हम क़ियामत के दिन उन्हें उनके चेहरों के बल अंधे, गूंगे और बहरे बनाकर उठाएंगे; उनका ठिकाना जहन्नम होगा; जब कभी उसकी आग बुझने लगेगी, हम उनके लिए भड़कती आग को और बढ़ा देंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 97 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 97

✅ हक़ से मुंह मोड़ने वालों का हश्र: औंधे मुंह और सुलगती जहन्नम

जो लोग दुनिया में हक़ को देखने, सुनने और बोलने से परहेज़ करते रहे, क़ियामत के दिन उन्हें उसी के मुताबिक़ अंधा, बहरा और गूंगा बनाकर औंधे मुंह महशर में घसीटा जाएगा। उनका ठिकाना दोज़ख़ की दहकती आग होगी, जिसकी शिद्दत कभी कम नहीं होगी।

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