कुरान - 17:98 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

98
ذَٰلِكَ جَزَآؤُهُم بِأَنَّهُمۡ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِنَا وَقَالُوٓاْ أَءِذَا كُنَّا عِظَٰمٗا وَرُفَٰتًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ خَلۡقٗا جَدِيدًا

Transliteration: (Zaalika jazaa'uhum bi annahum kafaroo bi aayaatinaa wa qaalooo 'a izaa kunnaa 'izaamanw wa rufaatan 'a innaa la mab'oosoona khalqan jadeedaa)

यह उनका बदला है इस वजह से कि उन्होंने हमारी आयतों का इनकार किया और कहा, 'क्या जब हम हड्डियाँ और रेज़ा-रेज़ा हो जाएंगे, तो क्या हम फिर से नई पैदाइश में दोबारा उठाए जाएंगे?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 98 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 98

✅ मरने के बाद दोबारा ज़िन्दगी का इनकार और उसकी सज़ा

काफ़िरों का यह अज़ाब उनके कुफ़्र और आख़िरत के इनकार का बदला है। वे मज़ाक़ उड़ाते हुए कहते थे कि मरने के बाद जब हमारा जिस्म मिट्टी और चूरा-चूरा हो जाएगा, तो हमें दोबारा कैसे ज़िन्दा किया जाएगा? अल्लाह ने बताया कि जिसने पहली बार पैदा किया, उसके लिए दोबारा ज़िन्दा करना बेहद आसान है।

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