कुरान - 18:16 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
وَإِذِ ٱعۡتَزَلۡتُمُوهُمۡ وَمَا يَعۡبُدُونَ إِلَّا ٱللَّهَ فَأۡوُۥٓاْ إِلَى ٱلۡكَهۡفِ يَنشُرۡ لَكُمۡ رَبُّكُم مِّن رَّحۡمَتِهِۦ وَيُهَيِّئۡ لَكُم مِّنۡ أَمۡرِكُم مِّرۡفَقٗا

Transliteration: (Wa izi'tazal tumoohum wa maa ya'budoona illal laaha faawooo ilal kahfi yanshur lakum Rabbukum mir rahmatihee wa yuhaiyi' lakum min amrikum mirfaqa)

'और जब तुम उनसे और उन (माबूदों) से जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पूजते हैं अलग हो गए हो, तो ग़ार में पनाह ले लो; तुम्हारा रब तुम्हारे लिए अपनी रहमत फैला देगा और तुम्हारे काम में आसानी का सामान मुहैया फ़रमाएगा।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 16

✅ हिजरत और अल्लाह की रहमत पर तवक्कुल

जब उन्होंने देखा कि क़ौम अपनी गुमराही और ज़ुल्म से बाज़ नहीं आ रही, तो उन्होंने आपस में तय किया कि अपने दीन की हिफ़ाज़त के लिए इस मुशरिक माहौल से अलग होकर पहाड़ के ग़ार में पनाह लें। उन्हें पूरा यक़ीन था कि अल्लाह उन्हें बेयारो-मददगार नहीं छोड़ेगा बल्कि अपनी रहमत के दरवाज़े खोल देगा।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now