कुरान - 18:18 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

18
وَتَحۡسَبُهُمۡ أَيۡقَاظٗا وَهُمۡ رُقُودٞۚ وَنُقَلِّبُهُمۡ ذَاتَ ٱلۡيَمِينِ وَذَاتَ ٱلشِّمَالِۖ وَكَلۡبُهُم بَٰسِطٞ ذِرَاعَيۡهِ بِٱلۡوَصِيدِۚ لَوِ ٱطَّلَعۡتَ عَلَيۡهِمۡ لَوَلَّيۡتَ مِنۡهُمۡ فِرَارٗا وَلَمُلِئۡتَ مِنۡهُمۡ رُعۡبٗا

Transliteration: (Wa tahsabuhum ayqaazanw wa hum ruqood; wa nuqallibuhum zaatal yameeni wa zaatash shimaali wa kalbuhum baasitun ziraa'ayhi bilwaseed; lawit tala'ta 'alaihim la wallaita minhum firaaranw wa lamuli'ta minhum ru'ba)

और आप समझते कि वे जाग रहे हैं हालांकि वे सो रहे थे; और हम उन्हें दायें और बायें करवटें बदलते रहते थे, और उनका कुत्ता चौखट पर अपने दोनों हाथ फैलाए बैठा था; अगर आप झांक कर उन्हें देखते तो पीठ फेर कर भाग खड़े होते और आपके दिल में उनकी तरफ़ से दहशत भर जाती। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 18 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 18

✅ करवटें बदलना, वफ़ादार कुत्ता और अल्लाह की हैबत

अल्लाह तआला की कु़दरत का यह हाल था कि उनकी आंखें खुली जैसी लगती थीं जिससे देखने वाला उन्हें बेदार समझता। अल्लाह उनके जिस्मों को सड़ने और ज़मीन के खाने से बचाने के लिए वक़्तन-फ़वक़्तन दायें-बायें करवट दिलवाता था। उनका वफ़ादार कुत्ता ग़ार के दहाने पर पहरेदार बना बैठा था। अल्लाह ने उन पर ऐसा रोब व हैबत डाल रखा था कि कोई उनके क़रीब जाने की जुर्रत नहीं कर सकता था।

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