कुरान - 18:20 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
إِنَّهُمۡ إِن يَظۡهَرُواْ عَلَيۡكُمۡ يَرۡجُمُوكُمۡ أَوۡ يُعِيدُوكُمۡ فِي مِلَّتِهِمۡ وَلَن تُفۡلِحُوٓاْ إِذًا أَبَدٗا

Transliteration: (Innahum iny yazharoo 'alaikum yarjumookum aw yu'eedookum fee millatihim wa lan tuflihooo izan abadaa)

'बेशक अगर वे तुम्हारे बारे में जान गए तो तुम्हें संगसार (पत्थरों से हलाक) कर देंगे, या तुम्हें अपने दीन में वापस लौटा लेंगे, और फिर तुम कभी भी कामयाब नहीं हो सकोगे।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 20

✅ ईमान की हिफ़ाज़त और कुफ़्र में वापसी से परहेज़

अस्हाबे कहफ़ को गुमान था कि वही पुराना ज़ालिम बादशाह और उसकी मुशरिक क़ौम अभी भी हुकूमत कर रही है। वे जानते थे कि अगर मुशरिकों को उनके ज़िन्दा होने का पता चला, तो वे या तो पत्थरों से मार डालेंगे या ज़बरदस्ती शिर्क करवाएंगे जिससे आख़िरत हमेशा के लिए बर्बाद हो जाएगी।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now