कुरान - 18:37 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
قَالَ لَهُۥ صَاحِبُهُۥ وَهُوَ يُحَاوِرُهُۥٓ أَكَفَرۡتَ بِٱلَّذِي خَلَقَكَ مِن تُرَابٖ ثُمَّ مِن نُّطۡفَةٖ ثُمَّ سَوَّىٰكَ رَجُلٗا

Transliteration: (Qaala lahoo saahibuhoo wa huwa yuhaawiruhooo akafarta billazee khalaqaka min turaabin summa min nutfatin summa sawwaaka rajulaa)

उसके साथी ने उससे बातचीत करते हुए कहा, 'क्या तूने उस ज़ात का इनकार किया जिसने तुझे मिट्टी से पैदा किया, फिर नुत्फ़े (बूंद) से, फिर तुझे एक पूरा आदमी बना खड़ा किया?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 37

✅ मोमिन का दावत-ए-हक़ और इंसान की पैदाइश की याददिहानी

उस ग़रीब मगर साहिबे ईमान साथी ने उसे आईना दिखाया कि ऐ नादान! जिस रब ने तुझे बेजान मिट्टी और एक हक़ीर क़तरे से तख़्लीक़ करके मुकम्मल तंदुरुस्त इंसान बनाया, क्या तू उसी ख़ालिक़ का इनकार करता है?

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