कुरान - 18:46 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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ٱلۡمَالُ وَٱلۡبَنُونَ زِينَةُ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ وَٱلۡبَٰقِيَٰتُ ٱلصَّـٰلِحَٰتُ خَيۡرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوَابٗا وَخَيۡرٌ أَمَلٗا

Transliteration: (Almaalu walbanoona zeenatul hayaatid dunya wal baaqiyaatus saalihaatu khairun 'inda Rabbika sawaabanw wa khairun amalaa)

माल और औलाद दुनियावी ज़िन्दगी की ज़ीनत (शोभा) हैं; और बाक़ी रहने वाली नेकियाँ (अल-बाक़ियातुस-सालिहात) आपके रब के नज़दीक सवाब के एतबार से भी बेहतर हैं और उम्मीद के एतबार से भी बहुत अच्छी हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 46 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 46

✅ माल व औलाद आरज़ी ज़ीनत, और बाक़ियात-ए-सालिहात की फ़ज़ीलत

दौलत और औलाद दुनिया की महज़ आरज़ी चमक-दमक हैं जो इंसान के मरने के साथ यहीं छूट जाती हैं। हमेशा बाक़ी रहने वाली नेमतें 'बाक़ियात-ए-सालिहात' (नेक आमाल, नमाज़, रोज़ा, सदक़ा और 'सुब्हानअल्लाह, अल्हम्दुलिल्लाह, लाइलाहा इल्लल्लाह, अल्लाहु अकबर' का ज़िक्र) हैं जो क़ियामत के दिन इंसान के काम आएंगी।

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