कुरान - 18:48 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
وَعُرِضُواْ عَلَىٰ رَبِّكَ صَفّٗا لَّقَدۡ جِئۡتُمُونَا كَمَا خَلَقۡنَٰكُمۡ أَوَّلَ مَرَّةِۭۚ بَلۡ زَعَمۡتُمۡ أَلَّن نَّجۡعَلَ لَكُم مَّوۡعِدٗا

Transliteration: (Wa 'uridoo 'alaa Rabbika saffaa, laqad ji'tumoonaa kamaa khalaqnaakum awala marrah; bal za'amtum allannaj'ala lakum maw'idaa)

और सब के सब आपके रब के हुज़ूर सफ़-बस्ता (सफ़ें बांधकर) पेश किए जाएंगे; (उनसे फ़रमाया जाएगा) 'यक़ीनन तुम हमारे पास उसी तरह आए जैसे हमने तुम्हें पहली बार पैदा किया था, बल्कि तुम्हारा तो यह गुमान था कि हम तुम्हारे लिए कोई वादे का वक़्त मुक़र्रर ही नहीं करेंगे!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 48

✅ अल्लाह की अदालत में सफ़-बस्ता हाज़िरी

तमाम इंसान अल्लाह के हुज़ूर सफ़ें बांधकर नंगे बदन, नंगे पैर और ख़ाली हाथ पेश होंगे, ठीक वैसे ही जैसे वे माँ के पेट से पैदा हुए थे। मुनकिरीन से कहा जाएगा कि देखो, जिसका तुम इनकार करते थे, आज वह अदालत क़ायम हो चुकी है।

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