कुरान - 18:50 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

50
وَإِذۡ قُلۡنَا لِلۡمَلَـٰٓئِكَةِ ٱسۡجُدُواْ لِأٓدَمَ فَسَجَدُوٓاْ إِلَّآ إِبۡلِيسَ كَانَ مِنَ ٱلۡجِنِّ فَفَسَقَ عَنۡ أَمۡرِ رَبِّهِۦٓۗ أَفَتَتَّخِذُونَهُۥ وَذُرِّيَّتَهُۥٓ أَوۡلِيَآءَ مِن دُونِي وَهُمۡ لَكُمۡ عَدُوُّۢۚ بِئۡسَ لِلظَّـٰلِمِينَ بَدَلٗا

Transliteration: (Wa iz qulnaa lil malaaa'ikatis judoo li Aadama fasajadooo illaaa Ibleesa kaana minal jinni fafasaqa 'an amri Rabbih; afatattakhizoonahoo wa zurriyatahooo awliyaaa'a min doonee wa hum lakum 'aduww; bi'sa lizzaalimeena badalaa)

और याद करो जब हमने फ़रिश्तों से कहा कि 'आदम को सजदा करो', तो सबने सजदा किया सिवाय इब्लीस के; वह जिन्नों में से था, तो उसने अपने रब के हुक्म की नाफ़रमानी की। तो क्या तुम मेरे सिवा उसे और उसकी औलाद को अपना दोस्त बनाते हो हालांकि वे तुम्हारे खुले दुश्मन हैं? ज़ालिमों के लिए क्या ही बुरा बदला है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 50 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 50

✅ शैतान की अज़ली दुश्मनी और इंसान की ग़फ़लत

अल्लाह तआला इंसान को झंझोड़ता है कि शैतान ने तुम्हारे बाप हज़रत आदम के सामने तकब्बुर किया और अल्लाह के हुक्म की नाफ़रमानी की। वह तुम्हारा और तुम्हारी नस्ल का खुला दुश्मन है। फिर कितनी बड़ी नादानी है कि तुम अपने ख़ालिक़ व मेहरबान रब को छोड़कर अपने अज़ली दुश्मन शैतान की पैरवी करने लगो!

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