कुरान - 18:67 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

67
قَالَ إِنَّكَ لَن تَسۡتَطِيعَ مَعِيَ صَبۡرٗا

Transliteration: (Qaalaa innaka lan tastatee'a ma'iya sabraa)

उन्होंने (ख़िज़्र ने) कहा, 'आप मेरे साथ हरगिज़ सब्र नहीं कर सकेंगे;' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 67 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 67

✅ हज़रत ख़िज़्र का तंबीह फ़रमाना: सब्र की आज़माइश

हज़रत ख़िज़्र ने फ़रमाया कि ऐ मूसा! मेरे काम ज़ाहिरी शरीअत के क़वानीन के बरअक्स बातिनी हिकमतों पर मबनी होंगे जिन्हें देखकर आप शरीअत के जज़्बे की वजह से सब्र नहीं कर पाएंगे और टोक बैठेंगे।

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